शहरवासियों के लिए महंगाई से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। खाने के तेल, दाल और सब्जियों के बढ़ते दामों के बाद अब दूध और उससे बनने वाले उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। दूध विक्रेता संघ ने 20 मई से नई दरें लागू कर दी हैं, जिसके बाद दूध, दही, पनीर और खोवा की कीमतों में 10 से 40 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है।
अब गाय का दूध 40 रुपए से बढ़कर 50 रुपए प्रति लीटर बिकेगा, जबकि भैंस का दूध 50 रुपए से बढ़कर 60 रुपए प्रति लीटर हो गया है। यानी दूध की कीमतों में करीब 20 से 25 फीसदी तक इजाफा हुआ है।

दही की कीमतों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। पहले 60 रुपए किलो मिलने वाला साधारण दही अब 80 रुपए किलो मिलेगा। वहीं मीठा और ताजा दही 80 रुपए से बढ़कर 100 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। पनीर खाने वालों को भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। पनीर का रेट 360 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए प्रति किलो कर दिया गया है। खोवा और उससे बनने वाली मिठाइयों के दाम बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
आम परिवार की जेब पर असर
दूध की बढ़ी कीमतों का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ेगा। अगर कोई परिवार रोजाना 2 लीटर दूध इस्तेमाल करता है, तो पहले जहां महीने का खर्च करीब 2400 रुपए आता था, अब वही खर्च 3000 रुपए तक पहुंच जाएगा। यानी सिर्फ दूध पर ही हर महीने करीब 600 रुपए ज्यादा खर्च होंगे। दही और पनीर जोड़ने पर यह अतिरिक्त खर्च 800 से 1200 रुपए तक बढ़ सकता है।
क्यों बढ़े दाम?
दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों का कहना है कि पशुपालन का खर्च लगातार बढ़ रहा है। गर्मी के कारण हरे चारे की कमी है, वहीं भूसा, सूखा चारा, खल-चोकर और पशु आहार के दाम पहले से काफी बढ़ चुके हैं। इसके अलावा पशुओं की दवाइयां और रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है। इसी वजह से दूध उत्पादन महंगा हो गया है।
दुकानों पर लगी नई रेट लिस्ट
गर्मी में दही, छाछ और डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ने के बीच दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर नई रेट लिस्ट लगा दी है। 20 मई से नई कीमतें लागू कर दी गई हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अब और बोझ बढ़ेगा।







