रायपुर। छत्तीसगढ़ में उद्योगों की स्थापना को लेकर ग्राम सभाओं की सहमति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने भाजपा सरकार पर ग्राम सभाओं के अधिकारों के उल्लंघन और फर्जी एनओसी के आधार पर जनसुनवाई कराने का आरोप लगाया है।
भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि ग्राम अलदा और देवरी-घुलघुल में उद्योग लगाने के लिए नियमों को दरकिनार कर संदिग्ध प्रक्रियाएं अपनाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम अलदा में और देवरी-घुलघुल में के प्लांट के लिए ग्रामीणों की सहमति फर्जी तरीके से दिखाई गई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अलदा ग्रामसभा के प्रस्ताव में कथित तौर पर अतिरिक्त लाइनें जोड़कर सहमति बनाई गई। मामले की जांच जनपद पंचायत तिल्दा के सीईओ और तहसील प्रशासन की समिति ने की, जिसमें दस्तावेज को फर्जी पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले का विरोध करने वाले पूर्व उपसरपंच लखनलाल वर्मा को प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर परेशान किया गया।
भूपेश बघेल के मुताबिक, देवरी-घुलघुल में बिना ग्रामसभा और पंचायत बैठक बुलाए ही कथित तौर पर एनओसी जारी कर दी गई। कई पंचों ने शपथ पत्र देकर कहा है कि न तो बैठक हुई और न ही किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके बावजूद जांच को लंबा खींचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मिली सभी स्वीकृतियां रद्द की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि ग्रामीण लगातार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उद्योगपतियों के पक्ष में खड़ी नजर आ रही है। हाल ही में हुई जनसुनवाई में विरोध पत्र लेने से अधिकारियों द्वारा इनकार करने और दलालों के जरिए समर्थन पत्र जुटाने का भी आरोप लगाया गया।
पत्रकार वार्ता में भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और लॉकडाउन जैसे फैसलों से देश को भारी नुकसान हुआ।
उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी किसानों से उर्वरक कम इस्तेमाल करने, लोगों से घर से काम करने, महिलाओं से खाद्य तेल और गैस कम उपयोग करने, विदेश यात्रा और सोना खरीदने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री जनता से बचत और कटौती की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खुद कार्यक्रमों और विदेश दौरों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि देश में पिछले कई वर्षों से उर्वरक संकट बना हुआ है और किसान महंगे खाद खरीदने को मजबूर हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और किसान कर्ज में डूब रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक संकट को संभालने में केंद्र सरकार विफल रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने विपक्षी दलों से भी चर्चा नहीं की।
इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, शैलेश नितिन त्रिवेदी, विधायक , धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा, अजय साहू समेत बड़ी संख्या में ग्राम अलदा और देवरी-घुलघुल के ग्रामीण मौजूद रहे।



