बकाया बिलों पर सरकार झुकी: जल जीवन मिशन और पीडब्ल्यूडी की विसंगतियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के निर्माण विभागों में लंबित बकाया बिलों के भुगतान और अन्य समस्याओं से जूझ रहे ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत काम करने वाले ठेकेदारों को दिवाली से पहले उनके बकाया बिलों के भुगतान का भरोसा मिला है।

उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के प्रभारी अरुण साव ने छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन को आश्वस्त किया है कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर जल्द फंड जारी किया जाएगा, ताकि जल जीवन मिशन के बकाया भुगतान दिवाली पूर्व हो सकें।

इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी विभाग में लंबित बिलों और 18 प्रतिशत जीएसटी भुगतान संबंधी विसंगतियों को भी जल्द सुलझाने की बात कही गई है।

कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन को मिला आश्वासन:

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नवा रायपुर में उपमुख्यमंत्री साव से मुलाकात की। इस दौरान निर्माण कार्यों में आ रही अड़चनों, भुगतान रोकने की समस्याओं और फंड की कमी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बीरेश शुक्ला ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ साल से जल जीवन मिशन के ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे मजदूरों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करने में असमर्थ हैं। उन्होंने मांग की कि P.H.E के 5000 करोड़ रुपए के बजट से तत्काल बकाया भुगतान किया जाए।

इस पर उपमुख्यमंत्री साव ने भरोसा दिलाया कि दिवाली से पहले बिलों का भुगतान कराया जाएगा और दिवाली के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग से संबंधित विसंगतियों के समाधान के लिए एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें प्रमुख सचिव, सचिव, मुख्य अभियंता और एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल होंगे।

अफसरों ने भी दिया निराकरण का भरोसा:

एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के डायरेक्टर जितेंद्र शुक्ला और संयुक्त संचालक पांडेय से भी मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। दोनों अधिकारियों ने समस्याओं के बिंदुवार निराकरण का आश्वासन दिया है।

बीरेश शुक्ला ने कहा कि विभागीय विसंगतियों और मनमानी के कारण निर्माण कार्यों की गति पर असर पड़ा है, लेकिन सरकार के सकारात्मक रुख से उम्मीद है कि अब ठेकेदारों को राहत मिलेगी।

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