प्रदेश में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन अब खुद कांग्रेस के लिए चुनौती बनता जा रहा है। पार्टी के भीतर की गुटबाजी सड़कों पर खुलकर सामने आ गई है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेता एक-दूसरे के खिलाफ ही मोर्चा खोलते नजर आए।
एक ओर भाजपा की नीतियों के विरोध में कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकजुट होकर प्रदर्शन करने निकले थे, वहीं दूसरी ओर उसी मंच पर आपसी टकराव और नाराजगी खुलकर दिखी। प्रदेश के एक जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और प्रदेश संचार प्रमुख के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे संगठन की एकता पर सवाल खड़े हो गए।
वहीं, दूसरी जगह प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ही एक वरिष्ठ नेत्री अनिला भेड़िया के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। “मुर्दाबाद” के नारों ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद अब सार्वजनिक हो चुके हैं।
पार्टी के प्रदर्शन में इस तरह की घटनाएं कांग्रेस की रणनीति पर पानी फेरती नजर आ रही हैं। भाजपा के खिलाफ एकजुटता दिखाने की बजाय कांग्रेस में ही फूट की तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो आने वाले समय में पार्टी के लिए भारी पड़ सकती हैं।







