मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे लोगों की जेब पर दिखने लगा है। मंगलवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है।
सरकार ने पेट्रोल के दाम में 90 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी महज 5 दिन पहले पेट्रोल करीब 3 रुपए महंगा किया गया था। यानी सिर्फ एक हफ्ते के अंदर पेट्रोल-डीज़ल के दाम लगभग 4 रुपए तक बढ़ चुके हैं।
जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आने की वजह से यह असर देखने को मिल रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। पहले जहां कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
कच्चे तेल के महंगे होने से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है और इसका सीधा असर अब जनता पर डाला जा रहा है।
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महंगाई एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।







