सरकार का अल्टीमेटम असर में: बस्तर में सामूहिक आत्मसमर्पण, नक्सलवाद की कमर टूटी

Madhya Bharat Desk
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31 मार्च 2026 को नक्सली आतंक के “अंतिम दिन” की समय-सीमा अब बेहद नज़दीक आ चुकी है—सिर्फ़ 41 दिन शेष हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन से बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आज कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर घोषित इनामी राशि एक करोड़ 61 लाख रुपये तक बताई जा रही है। यह आत्मसमर्पण ऐसे वक्त हुआ है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं।

सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने अपने हालिया संबोधन में संकेतात्मक भाषा में साफ कहा था कि सरकार अब “निर्णायक चरण” में है—जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन का मौका मिलेगा, और जो हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई और तेज़ होगी। बस्तर में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण उसी संदेश की ज़मीनी गूंज माना जा रहा है।

राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां इसे रणनीतिक सफलता बता रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव, विकास योजनाओं का विस्तार और पुनर्वास नीति ने नक्सली नेटवर्क को कमजोर किया है।

आने वाले दिनों में और आत्मसमर्पण की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा रहा। 31 मार्च की डेडलाइन के साथ बस्तर में सुरक्षा परिदृश्य तेज़ी से बदलता दिख रहा है—या तो हथियार नीचे रखे जाएंगे, या कार्रवाई निर्णायक होगी।

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