बिलासपुर, 11 नवंबर 2025अनुशासन की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। बिलासपुर में आयोजित बीजेपी के यूनिटी मार्च के दौरान प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे और विधायक सुषांत शुक्ला के बीच केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की मौजूदगी में ही जोरदार विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई और बात एक-दूसरे को देख लेने की धमकी तक पहुंच गई।
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू रविवार को बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे थे। वे पार्टी के यूनिटी मार्च में शामिल होने आए थे, जहां बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे और विधायक सुषांत शुक्ला के बीच यह विवाद शुरू हुआ। कहा जा रहा है कि दोनों नेता केंद्रीय मंत्री के साथ पहली कतार में चलने को लेकर आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते बात इतनी बढ़ी कि कार्यकर्ताओं को बीच-बचाव करना पड़ा। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और अन्य समर्थक भी स्थिति को संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन मीडिया कैमरों के सामने ही दोनों नेताओं में बहस चलती रही। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक बीजेपी कार्यकर्ता ने हर्षिता पांडे की बांह पकड़कर कुछ कहते हुए भी देखा गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विवाद के बाद पार्टी में असहज माहौल बन गया। हालांकि, वरिष्ठ विधायक धर्मलाल कौशिक ने दोनों पक्षों को समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। लेकिन यह घटना पार्टी की आंतरिक अनुशासन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
उधर, कांग्रेस ने इस विवाद को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के नेता खुद अनुशासनहीनता का उदाहरण बनते जा रहे हैं और पार्टी के भीतर आपसी संघर्ष खुलकर सामने आ रहा है। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और कहा कि “कांग्रेस की संस्कृति बीजेपी में नहीं है। पहले कांग्रेस अपने घर के झगड़े सुलझाए, फिर हमें सीख दे।”



