दुर्ग-भिलाई में बिटक्वाइन एप के नाम पर 1,000 निवेशकों से 500 करोड़ की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

Madhya Bharat Desk
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भिलाई। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में निवेशकों से बिटक्वाइन निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक फर्जी एप तैयार कर निवेशकों को बड़े मुनाफे का सपना दिखाया। इसी दौरान निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए मलेशिया घुमाने तक ले जाया गया। लेकिन लौटने के बाद जब लोगों ने एप में लॉगिन किया तो एप बंद हो चुका था।

बताया जा रहा है कि इस एप के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश कराया गया। इसमें सबसे ज्यादा सेवानिवृत्त भिलाई स्टील प्लांट कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। दरअसल, रिटायरमेंट के बाद उन्हें एक से डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी राशि मिलती है। इसी लालच में वे ठगों के जाल में फंस गए। अब चूंकि निवेश अनाधिकृत प्लेटफॉर्म पर किया गया था, इसलिए पीड़ित लोग पुलिस के पास जाने से भी हिचकिचा रहे हैं। हालांकि, सूत्रों से जानकारी पुलिस तक पहुंच चुकी है।

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल से बातचीत

बिटक्वाइन के नाम पर ठगी का मामला, इस पर आपका क्या कहना है?
भारत में बिटक्वाइन या किसी भी तरह की क्रिप्टोकरेंसी वैध नहीं है। बिना लिखित दस्तावेज के निवेश कराना ठगी है। लोगों को ऐसे अनाधिकृत निवेश से दूर रहना चाहिए।

1,000 लोग मलेशिया घूमकर लौटे और उनके अकाउंट बंद हो गए, इसे आप कैसे देखते हैं?
यह गंभीर मामला है। निवेशकों को मलेशिया ले जाकर मुनाफे का लालच दिया गया और लौटने के बाद उनके खाते बंद कर दिए गए। यह संगठित ठगी का संकेत है। अभी तक किसी भी पीड़ित ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, केवल चर्चाओं के माध्यम से हमें जानकारी मिली है।

क्या पुलिस को कोई जानकारी मिली है?
पुलिस तक कुछ अनौपचारिक जानकारियां जरूर पहुंची हैं, लेकिन किसी ने सीधे शिकायत नहीं की है। शिकायत दर्ज होते ही हम साइबर सेल और इंटेलिजेंस को सक्रिय करेंगे।

लोगों के लिए पुलिस का संदेश क्या है?
पुलिस अपील करती है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे अनाधिकृत निवेश या यूएसडीटी डॉलर जैसी योजनाओं में पैसा न लगाए। किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिकता की जांच जरूर करें।

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