दवाओं का दुरुपयोग समाज और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। रायपुर में औषधि विभाग और पुलिस विभाग ने मिलकर नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की लत से बचाना और दवा माफियाओं पर नियंत्रण करना है।
हाल ही में की गई छापेमारियों में कई स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएँ जब्त की गईं। अधिकारियों ने न केवल अवैध व्यापार को रोका बल्कि इसमें शामिल आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी कार्रवाई भी की। पंडरिया जिला कबीरधाम में औषधि की अवैध बिक्री रोकने के लिए छापा मारा गया, जहाँ से 200 स्ट्रिप प्रतिबंधित दवाओं की बरामद हुईं।
इसी तरह रायपुर में कोडीन फॉस्फेट युक्त दवाओं की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 120 नग दवाएँ बरामद की गईं। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।
गिरियाबंद जिले के कोपरा क्षेत्र में भी चंदन मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएँ जब्त की गईं। इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि प्रशासन अब अवैध दवा कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शने वाला नहीं है।
इस तरह की कार्रवाई से समाज को यह संदेश जाता है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और लोगों की सुरक्षा व स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



