छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक बार फिर नक्सली हिंसा ने ग्रामीणों की जान ले ली। इस बार सुकमा जिले में नक्सलियों ने दो निर्दोष ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के अनुसार यह घटना केरलापाल थाना क्षेत्र के सिरसेटी के नंदापारा गांव में घटी, जहां हथियारबंद नक्सलियों ने पदाम पोज्जा और पदाम देवेंद्र नामक ग्रामीणों की हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही विस्तृत सूचना सार्वजनिक की जाएगी। पुलिस दल घटना स्थल पर पहुंच चुका है और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि बीते एक सप्ताह में नक्सली हिंसा की यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले सुकमा जिले के जगगुंडा क्षेत्र के सिलगेर गांव में नक्सलियों ने शिक्षा दूत लक्ष्मण बारसे की हत्या कर दी थी।
इतना ही नहीं, बीते दिनों कोंकेर और सुकमा में भी नक्सलियों ने कई ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। कोंकेर जिले में मनीष नुरेटी नामक युवक की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई थी क्योंकि उसने 15 अगस्त को नक्सली स्मारक में तिरंगा फहराया था। तिरंगा फहराने की जानकारी मिलते ही नक्सलियों का एक दल गांव पहुंचा और उसकी हत्या कर दी।
यह घटनाएं एक बार फिर साबित करती हैं कि नक्सली हिंसा का दंश अब भी बस्तर और आसपास के इलाकों में गहराई से मौजूद है। लगातार हो रही हत्याओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग भयभीत होकर जीने को मजबूर हैं।







