रायपुर।छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, साल 2019 से 2023 के बीच आबकारी विभाग में करीब 3,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। ED का आरोप है कि सिंडिकेट से जुटाया गया पैसा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के कहने पर रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ तक पहुंचाया जाता था।
ED के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी शामिल थे। एजेंसी का दावा है कि डिस्टिलर्स से कमीशन, बिना हिसाब देसी शराब की बिक्री और FL-10A लाइसेंस देने के बदले कमीशन के जरिए यह रकम जुटाई गई।
रामगोपाल अग्रवाल को पूछताछ के लिए ED ने चार समन जारी किए थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, उनके पेश नहीं होने और बाद में दिए गए जवाबों के बाद 11 अगस्त को PMLA के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया। विशेष अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक सात दिन की ED रिमांड पर भेज दिया है।
वहीं, रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने ED कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह रामगोपाल अग्रवाल के साथ खड़ी है। भूपेश बघेल ने ED पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।






