नई दिल्ली। मानसून सत्र के आखिरी दिन भी संसद में हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों की जोरदार नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही तय समय से पहले करीब 11 बजे ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में मौजूद रहे। 20 जुलाई के बाद पहली बार अमित शाह लोकसभा में नजर आए।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद सदन में वंदे मातरम् हुआ और इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
पूरे मानसून सत्र के दौरान विपक्ष दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और अमित शाह के बयान को लेकर चर्चा की मांग करता रहा। विपक्षी सांसदों ने ‘अमित शाह सदन में आओ’ और ‘चंदा किसने लूटा’ जैसे नारे लगाए।
वहीं, सरकार की ओर से अमित शाह पहले ही चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह चुके थे। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा था कि वे विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
सत्र के आखिरी दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने नारेबाजी करते दिखाई दिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस पर कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जब सत्ताधारी दल के नेता ही प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं।





