रायपुर:रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में आग लगने की घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के उद्देश्य से कांग्रेस नेताओं ने जानबूझकर कार्यालय में आग लगवाई।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह घटना कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए, जिसमें आगजनी के पीछे कांग्रेस की भूमिका की भी पड़ताल हो।
विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पहले खुद आगजनी कराते हैं और फिर भ्रष्टाचार का शोर मचाकर सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, ताकि उनके शासनकाल में हुए घोटालों से जुड़े अहम दस्तावेज नष्ट हो सकें।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार : पुरंदर मिश्रा
पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा लिखे गए पत्र पर केंद्र सरकार द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि इससे कांग्रेस खेमे में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने ननकीराम कंवर को ईमानदार और वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि वे लगातार भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करते रहे हैं।
मिश्रा ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान DMF घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की सरकार है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस का पलटवार, दीपक बैज ने बताया साजिश
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी इस आगजनी को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि DEO कार्यालय में आग लगने के बाद जांच शुरू होने से पहले ही भवन को तोड़ दिया गया, जो कई सवाल खड़े करता है।
दीपक बैज का आरोप है कि आग में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और नियुक्ति से जुड़ी फाइलें जली हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना भ्रष्टाचार को छुपाने की एक सोची-समझी कोशिश है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।



