प्रदेश में लंबे समय से चर्चित मामले ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) इन दिनों PCC कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों पर सख्ती दिखा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, EOW की टीम ने PCC कार्यालय के चार कर्मचारियों—शिशुपाल साहू, सोहन, गजेंद्र यादव और रूपेंद्र को अपने दफ्तर बुलाकर लगातार 12 घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान उनसे कई अहम दस्तावेज़ों और लेन-देन से जुड़े सवाल किए गए।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उसी पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले EOW ने इस केस में एकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना को गिरफ्तार किया था। डड़सेना काफी समय से फरार चल रहा था और लंबी तलाश के बाद एजेंसी के हत्थे चढ़ा।
वहीं, इस पूरे मामले का एक और अहम किरदार अब तक एजेंसी की पकड़ से बाहर है। प्रदेश कोषाध्यक्ष रहे रामगोपाल अग्रवाल पिछले तीन-चार साल से लापता बताए जा रहे हैं। EOW ने उन्हें कई बार समन भेजा, लेकिन अब तक वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।
EOW की इस ताजा कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसी इस मामले को लेकर अब पूरी तरह गंभीर है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।



