रायपुर।छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) भर्ती वर्ष 2018 की वेटिंग सूची में शामिल अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। नियुक्ति आदेश की मांग को लेकर ये अभ्यर्थी पिछले सात वर्षों से शासन-प्रशासन के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस और लिखित निर्णय नहीं मिल पाया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने न्यायालय, मंत्रालय, शासन और प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर कई बार आवेदन, ज्ञापन और पत्राचार किया, बावजूद इसके उनका मामला आज भी लंबित है। निराश अभ्यर्थी 22 दिसंबर 2025 से रायपुर में परिवार सहित अनिश्चितकालीन, शांतिपूर्ण और अनुशासित धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
CAF वेटिंग अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि धरना शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक संवाद या समाधान की पहल नहीं की गई है। ऐसे में अब वे अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए सीधे माननीय गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से शांति वार्ता करना चाहते हैं।
इसी संबंध में अभ्यर्थियों ने कलेक्टर रायपुर को सूचनार्थ ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि उन्हें दिनांक 19 जनवरी 2026 को परिवार सहित पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से गृह मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखने और ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी जाए।

अभ्यर्थियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अपरिहार्य कारणवश 19 जनवरी को मुलाकात संभव नहीं हो पाती है, तो वे 20 जनवरी 2026 को भी उसी स्थान पर शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित रहेंगे।
CAF भर्ती 2018 के वेटिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि सात वर्षों से लंबित नियुक्ति प्रक्रिया ने उनके भविष्य, परिवार और आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अब वे केवल न्यायसंगत निर्णय और लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं।







