कुम्हारी।आज के प्रतिस्पर्धात्मक और डिजिटल युग में जहां बच्चे शारीरिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं सरस्वती शिशु मंदिर कुम्हारी शिशु शिक्षा को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। विद्यालय में योगासन, व्यायाम और प्राणायाम को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास के बिना शिक्षा अधूरी है। इसी सोच के साथ बच्चों को नियमित रूप से योगासन, प्राणायाम और सरल व्यायाम का अभ्यास कराया जा रहा है। इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है, बल्कि उनकी एकाग्रता, स्मरण शक्ति और अनुशासन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
शिक्षकों द्वारा बच्चों को उम्र के अनुसार सरल योग क्रियाएं सिखाई जा रही हैं, ताकि वे इन्हें सहज रूप से अपने दैनिक जीवन में अपना सकें। विद्यालय का यह प्रयास बच्चों को स्वस्थ, संस्कारवान और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग और प्राणायाम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और उनकी दिनचर्या अधिक संतुलित हुई है। सरस्वती शिशु मंदिर कुम्हारी का यह प्रयास शिशु शिक्षा में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।



