रायपुर-भिलाई में ईडी की धुआंधार कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले की परतें खुलीं

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर/भिलाई। मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने के नाम पर चल रहे कथित रिश्वत नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ा ऑपरेशन चलाया। छत्तीसगढ़ सहित 10 राज्यों में एक साथ हुई इस कार्रवाई ने मेडिकल सेक्टर और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दिल्ली से पहुंची टीम ने नवा रायपुर और दुर्ग क्षेत्र के रावतपुरा मेडिकल कॉलेज, RIMS, बालाजी मेडिकल कॉलेज और शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में दबिश देकर मान्यता प्रक्रिया से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा इन कॉलेजों से जुड़े सात परिसरों और कई संबंधित व्यक्तियों के ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी की गई। ED ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी सर्च ऑपरेशन चलाया।

इस पूरे केस की शुरुआत CBI की उस कार्रवाई से हुई थी, जिसमें जून में रावतपुरा मेडिकल कॉलेज की मान्यता रिपोर्ट ‘फेवर’ करने के बदले 55 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए निरीक्षण दल के तीन डॉक्टरों और उनके सहयोगियों को बेंगलुरु में हवाला रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया था। गिरफ्तार व्यक्तियों में डॉ. मंजप्पा C.N., डॉ. चैत्रा M.S., डॉ. अशोक शेलके, अतुल कुमार तिवारी, सतीश A. और रविचंद्र K. शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि सरकारी अधिकारी मेडिकल कॉलेज निरीक्षण से जुड़ी अत्यंत गोपनीय जानकारी पहले से बिचौलियों तक पहुंचा देते थे, जिसके बाद कॉलेज अपने दस्तावेज और मानक पहले से ‘मैनेज’ कर लेते थे।

CBI की FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के संयुक्त निदेशक डॉ. जीतू लाल मीणा पर आरोप है कि उन्होंने कथित रिश्वत से राजस्थान के सवाई माधोपुर में 75 लाख रुपये का मंदिर बनवाया। वहीं विशाखापट्टनम के गायत्री मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने के बदले 2.5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का मामला भी सामने आया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी चंदन कुमार पर संवेदनशील फाइलें लीक करने का आरोप है, और जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे सिंडिकेट की जड़ें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक फैली हुई हैं।

इससे पहले भी लगभग पांच महीने पहले CBI ने देशभर के छह राज्यों में 40 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत और दस्तावेज बरामद हुए थे। ताजा ED कार्रवाई से इस बड़े घोटाले की परतें और खुल रही हैं, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे संभव हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment