खैरागढ़ जिले के एक शांत गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पड़ोसी ने शिक्षक दंपती की बेरहमी से हत्या कर दी। मामूली से पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद कुछ ही पलों में खून-खराबे में बदल गया। आरोपी ने घर में घुसकर पहले पत्नी पर हमला किया और फिर शिक्षक पति को भी मौत के घाट उतार दिया।
मृतकों की पहचान बाबूलाल शोरी (55) और उनकी पत्नी सुनती बाई शोरी (51) के रूप में हुई है। दोनों गांव में सम्मानित परिवार के रूप में जाने जाते थे। बताया गया कि भोर में पड़ोसी भगवती मरकाम उनके घर में चुपचाप दाखिल हुआ। उस समय सुनती बाई कमरे में सो रही थीं। आरोपी के हाथ में तेज धार वाली कुल्हाड़ी थी। वह सीधे कमरे में पहुंचा और सुनती बाई के सिर पर जोरदार वार कर दिया। वार इतना घातक था कि वह वहीं ढेर हो गईं।
पत्नी की चीख सुनकर बाबूलाल शोरी कमरे से बाहर निकले, लेकिन भगवती मरकाम पहले से तैयार था। उसने बाबूलाल पर भी उसी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। सिर पर वार लगते ही बाबूलाल की मौके पर ही मौत हो गई।
आस-पास के लोगों ने जब चीखें सुनीं तो वे मौके पर पहुंचे। घर के अंदर का दृश्य देखकर सभी दंग रह गए—दीवारों पर खून के छींटे और फर्श पर पति-पत्नी की लथपथ लाशें पड़ी थीं। इसी दौरान गांव वालों ने भगवती मरकाम को भागते हुए देखा। ग्रामीणों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और Police को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ₹10 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर यह पूरा विवाद हुआ था। इसी को लेकर आरोपी ने गुस्से में आकर वारदात को अंजाम दिया।







