कांग्रेस भवन में NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और राहुल गांधी के अभियान को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार अभी भी संभल जाए तो अच्छी बात है, लेकिन अगर नहीं सुधरी तो हमारी सरकार आएगी और सुधार करेगी।
महंत ने मुख्यमंत्री पर भी तंज कसते हुए कहा कि पता नहीं मुख्यमंत्री किस धुन या किस नशे में रहते हैं। अगर अविश्वास प्रस्ताव इतना कमजोर था तो उसका जवाब देने में 10-10 घंटे क्यों लगाए? उन्होंने कहा कि सरकार अपनी एक भी उपलब्धि नहीं गिना पाई, सिर्फ भूपेश बघेल सरकार की आलोचना करती रही।
नेता प्रतिपक्ष ने मंत्रियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि मंत्री सोच-समझकर काम करें और अपनी “दुकानदारी” बंद कर दें। उन्होंने कहा कि लोगों की गलती से सरकार बन गई है, लेकिन अगली बार कितनी सीटें आएंगी, यह भी देख लेंगे। महंत ने कहा, “मैं सब जानता हूं कि कौन क्या कर रहा है। धान, कोयला, शराब से लेकर रेत तक किसकी दुकानदारी चल रही है, सब पता है।”
राहुल गांधी के अभियान पर बात करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि राहुल गांधी ने करोड़ों बच्चों की पीड़ा को सुना है। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक अब महामारी बन चुकी है और इसे खत्म करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2014 से अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं। यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रही गंभीर समस्या है।
महंत ने कहा कि लाखों बच्चों ने सालों तक मेहनत की, रोज 10-10 घंटे पढ़ाई की, लेकिन पेपर लीक ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है। अभी करीब 6 लाख नौकरियां हैं, जबकि 9 करोड़ युवा कतार में हैं। इतनी बड़ी प्रतिस्पर्धा में कुछ ही युवाओं को सफलता मिलती है। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने अभियान शुरू किया है और हम सभी को इसे जन अभियान के रूप में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का लगातार बाजारीकरण हो रहा है।
महंत ने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद छत्तीसगढ़ की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। वह पूरी तरह निराश हो गई थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बच्चे इतने परेशान हैं तो ऐसे हालात में नरेंद्र मोदी देश को विश्वगुरु कैसे बनाएंगे? उन्होंने कहा कि भगवान इन बच्चों की रक्षा करे। जो सरकार परीक्षा के पेपर तक सुरक्षित नहीं रख सकती, वह देश का भविष्य कैसे सुरक्षित रखेगी? एक पेपर लीक तक रोक नहीं पा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पैसा फेंको, तमाशा देखो” और “पेपर बेचो, मंत्री को बचाओ” यही इस सरकार का नारा बन गया है।





