छत्तीसगढ़ प्रदेश भर के 10 हजार से अधिक मेडिकल स्टोरों को सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठान पर दवाओं के दुष्प्रभाव की शिकायत दर्ज करने के लिए विशेष QR कोड और पीवीपीएल (Pharmacovigilance Programme of India) का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3024 अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। यह कदम केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उठाया गया है, ताकि दवा लेने के बाद किसी भी तरह की प्रतिक्रिया होने पर लोग तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कहा है कि QR कोड व हेल्पलाइन नंबर ऐसी जगह लगाए जाएं, जहां ग्राहक आसानी से उन्हें देख सकें। इसका उद्देश्य है कि दवा के सेवन के बाद यदि किसी व्यक्ति को एलर्जी, चक्कर, उल्टी, सूजन या अन्य कोई असामान्य प्रभाव महसूस हो तो वह तुरंत रिपोर्ट कर सके।
अधिकारियों का कहना है कि शिकायत दर्ज होते ही जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और टीम दवा के दुष्प्रभाव की वजहों की जांच करेगी। इससे दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
कई बार दवाओं का असर मरीजों के शरीर पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर दर्ज हुई शिकायतें बेहद महत्वपूर्ण साबित होती हैं। QR कोड की मदद से लोग सीधे स्कैन कर फॉर्म भर सकेंगे या हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपनी समस्या बता सकेंगे।
ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल पहली बार प्रदेश में व्यापक स्तर पर लागू की जा रही है। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और दवा सेवन के बाद किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति भी कम होगी। लगातार मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा कर संबंधित दवाओं की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी।



