कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा लागू किए गए नए डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम को लेकर शिक्षकों और विशेषज्ञों ने पहले ही 36 तरह की कमियों और खामियों की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने उन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सिर्फ एक हफ्ते के भीतर ही इस प्रणाली को जल्दबाजी में लागू कर दिया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा से पहले ही ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली लागू कर दी, जिस पर छात्र, अभिभावक और कई विपक्षी दल आपत्ति जता रहे हैं।
पवन खेड़ा के 5 सवाल:
- टेंडर की शर्तों में बदलाव किसके आदेश पर किया गया?
- क्या किसी एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया?
- सीओईएमपीटी और भारतीय जनता पार्टी के बीच क्या संबंध है, जिसके चलते उसे टीसीएस पर प्राथमिकता दी गई?
- सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर क्यों कर रही है?
- आखिर इस पूरे फैसले में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई?
इस मामले को लेकर अब छात्रों, अभिभावकों और विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।






