‘बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक बढ़त पर सांसद बृजमोहन का बयान: राष्ट्रवाद और विकास की जीत’

Madhya Bharat Desk
4 Min Read

रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति और भाजपा के प्रदर्शन को लेकर विस्तृत बयान जारी किया है। उन्होंने अपने बयान में कई ऐतिहासिक, राजनीतिक और वैचारिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए इसे “राष्ट्रवाद और विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन” बताया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश का विरोध करते-करते और भगवान राम का विरोध करने वालों का यही परिणाम होना था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की “सशक्त और रणनीतिक नेतृत्व क्षमता” के कारण कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 293 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है और यह जनादेश “देश की सामूहिक राष्ट्रीय चेतना का प्रदर्शन” है।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह जीत केवल बंगाल की नहीं बल्कि पूरे देश की जीत है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और “घुसपैठ के विरोध” की जीत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह परिणाम पश्चिम बंगाल में लंबे समय से व्याप्त “अनार्की और खराब कानून-व्यवस्था” के खिलाफ जनता का जनादेश है।

उन्होंने अपने बयान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर डॉ. मुखर्जी का जन्म हुआ, वहां आज भाजपा की जीत उनके सपनों के प्रति श्रद्धांजलि है।

सांसद ने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले 15–20 वर्षों में पश्चिम बंगाल का विकास प्रभावित हुआ और जनता कथित तौर पर कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर रही। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों और ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अलग-अलग समय में राज्य में विकास रुक गया और अराजकता, भ्रष्टाचार तथा राजनीतिक हिंसा के आरोप बढ़े।

उन्होंने 2008 के सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बाद राज्य में राजनीतिक परिवर्तन आया और 2011 में ममता बनर्जी सत्ता में आईं। बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि इसके बाद “सिंडीकेट माफिया, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार” जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई।

उन्होंने कहा कि “मां, माटी, मानुष” के नारे के बावजूद बाद में विकास, औद्योगिकीकरण और सुशासन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा मिला।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक संघर्ष किया और कई कार्यकर्ताओं ने इस दौरान अपने प्राण गंवाए। उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में संगठन के लिए कार्य किया।

उन्होंने भाजपा के नव-नियुक्त अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि संगठन की मजबूती, बूथ स्तर की सक्रियता और कार्यकर्ताओं के समर्पण से यह परिणाम संभव हुआ।

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल अब “भयमुक्त और विकासोन्मुख” हुआ है और आने वाले समय में राज्य अपने “पुराने वैभव” को पुनः प्राप्त करेगा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment