बर्लिन (जर्मनी)।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिसंबर 2025 में जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बैठक में शिरकत की। यह बैठक Progressive Alliance के बैनर तले आयोजित हुई, जो विश्वभर की 117 प्रगतिशील और लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टियों का एक वैश्विक गठबंधन है। राहुल गांधी को इस संगठन के प्रेसिडियम सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया था, जो नेतृत्वकारी भूमिका को दर्शाता है।
16 से 20 दिसंबर के बीच हुए इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कई उच्चस्तरीय संवादों में भाग लिया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का मुख्य विषय दुनिया भर में लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण और लोकतंत्र के भविष्य पर केंद्रित रहा। कांग्रेस के अनुसार, यह किसी सरकारी मंच जैसे G7 या G20 का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक स्वतंत्र राजनीतिक गठबंधन की बैठक थी, जिसमें राहुल गांधी की भागीदारी भारत की लोकतांत्रिक आवाज़ को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के रूप में देखी जा रही है।
बर्लिन प्रवास के दौरान राहुल गांधी ने जर्मन थिंक टैंकों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने प्रतिष्ठित हर्टी स्कूल में छात्रों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जवाबदेही, भागीदारी और निरंतर संवाद की प्रक्रिया है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने नेतृत्व, वैश्विक जिम्मेदारी और सत्ता के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा की। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर अपने दृष्टिकोण रखते हुए समावेशी और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, गहराई तक फैली असमानताओं को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अनिवार्य बताया।
इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने जर्मनी के पूर्व चांसलर ओलाफ शोल्ज़ से भी मुलाकात की, जहां लोकतंत्र और वैश्विक राजनीति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने जर्मनी में रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सच्चाई और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।







