बलौदाबाजार।ज़िले के वनांचल क्षेत्र स्थित सैयाभाठा गांव में बालमदेई नदी पर बनी पुलिया पिछले छह वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी थी। यह मार्ग सीधे ज़िला मुख्यालय को जोड़ता है, लेकिन पुलिया टूट जाने के कारण ग्रामीणों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिया के निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार वन विभाग और जनप्रतिनिधियों से आवेदन व निवेदन किए गए, लेकिन वर्षों तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता के चलते समस्या जस की तस बनी रही।
आखिरकार ग्रामीणों ने प्रशासनिक इंतज़ार छोड़कर खुद ही समाधान निकालने का फैसला किया। गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया, श्रमदान किया और उपलब्ध संसाधनों से जर्जर पुलिया की मरम्मत कर उसे फिर से आवागमन योग्य बना दिया।
अब इसी पुलिया से होकर गांव के बच्चे सुरक्षित स्कूल जा रहे हैं और ग्रामीणों का आवागमन भी पहले की तुलना में आसान हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान दिया होता, तो उन्हें स्वयं यह जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ती।
ग्रामीणों की यह पहल एक ओर सामूहिक एकजुटता और जनभागीदारी का उदाहरण है, वहीं दूसरी ओर व्यवस्था की धीमी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।





