सरयूपारीण ब्राह्मण सभा रायपुर द्वारा पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 एवं 22 फरवरी 2026 को सभा प्रांगण, मानस भवन (संजय नगर रिंग रोड, रायपुर) में 2 दिवसीय निःशुल्क जनेऊ (उपनयन) संस्कार का भव्य आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ आज दोपहर से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ, जबकि समापन कल दोपहर 3 बजे बटुकों की पारंपरिक बारात निकाले जाने के पश्चात होगा।
इस वर्ष कुल 67 बटुकों का संस्कार प्रारंभ किया गया है। विशेष बात यह रही कि दूरस्थ एवं भीतरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में बटुकों ने पंजीयन कराया। सभा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि संख्या की कोई सीमा निर्धारित नहीं है—जितने भी बटुक आएंगे, सभी का संस्कार शास्त्रों के अनुरूप कराया जाएगा।
यह आयोजन पूर्णतः सनातनी पद्धति से दो दिवसीय वैदिक विधान के अनुसार संपन्न किया जा रहा है। प्रत्येक बटुक के लिए अलग मंडप एवं मगरोहन की व्यवस्था की गई है। सभी 67 बटुकों के लिए 67 पंडित नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें प्रमुख आचार्य द्वारा निर्देशित किया जा रहा है, ताकि संपूर्ण संस्कार विधिवत और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके। सभा ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ बटुकों द्वारा छौर (मुंडन) कर्म से असहमति जताने पर उनका पंजीयन निरस्त किया गया, क्योंकि कार्यक्रम शास्त्रसम्मत रीति से ही आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम पूज्य दंडी स्वामी डॉ. इन्द्रभानन्द जी महाराज एवं राजेश्री महंत डॉ. रामसुन्दरदास जी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। डॉ. रामसुन्दर दास जी पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित हैं।
समाज के इस विशेष आयोजन के अंतर्गत विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त समाजजनों को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं एवं परिजनों में विशेष उत्साह एवं धार्मिक वातावरण देखा जा रहा है।
यह आयोजन सनातन संस्कृति, परंपरा और वैदिक संस्कारों के संरक्षण की दिशा में समाज का एक सराहनीय प्रयास है।



