महासमुंद।छत्तीसगढ़ में गैर-औद्योगिक क्षेत्र में अवैध औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ किसानों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखा। करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और नूतन आयरन एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अवैध निर्माण शुरू किए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के सत्याग्रही किसानों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर विरोध प्रदर्शन किया।
विश्व धरोहर सिरपुर को बचाने के संकल्प के साथ किसान मोर्चा के आंदोलनकारी 26 जनवरी को किसान सत्याग्रह स्थल बूढ़ा महादेव मंदिर के सामने, हाईवे कौवा झर क्षेत्र में एकत्र हुए। इस दौरान किसानों ने तिरंगा फहराया और विष्णु देव सरकार पर छत्तीसगढ़ी महतारी को तुमगांव थाने में बंदी बनाए जाने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
किसान मोर्चा ने बताया कि प्रदेश स्तरीय छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा का शुभारंभ राजधानी रायपुर स्थित मां महामाया मंदिर से दोपहर 12:30 बजे विधि-विधान के साथ किया गया।
कार्यक्रम में खैरझिटी की सत्याग्रही महिला किसानों ने आरती कर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान श्रीमती राधाबाई सिन्हा, श्यामबाई ध्रुव, धनेश्वरी यादव, ठगनबाई सिन्हा, जमुना यदु, खेमिन साहू, पुस्वैया धिवर, मोहनबाई जलक्षत्रि, रमशीला पटेल, रुक्मिणी यादव, बनवासा यादव, पूनई पटेल और रामबाई ध्रुव शामिल रहीं।
झंडारोहण कार्यक्रम में दसरथ सिन्हा, बोधन यादव, दिनेश यादव, ललित यादव, डिगेश्वरी चंद्राकर और सरस्वती वैष्णव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
किसान मोर्चा की महिला प्रतिनिधि डिगेश्वरी चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ी महतारी के कथित अपमान को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।







