छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुसमुंडा थाना क्षेत्र के आदर्श नगर बस्ती से प्रशासन को हिला देने वाली घटना सामने आई है। दो तहसीलदारों पर कुछ युवकों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब दोनों अधिकारी क्षेत्र में एक ब्यूटी पार्लर में संदिग्ध गतिविधियों की जांच करने पहुंचे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, तहसीलदार अमित करेकेटा (दीपका तहसील) और अभिजोत राजभानु (हरदीबाजार तहसील) को स्थानीय पटवारी त्रिलोक सोनवानी ने सूचना दी थी कि राजेश ब्यूटी पार्लर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इसी सूचना की पुष्टि के लिए दोनों अधिकारी अलग-अलग वाहनों में मौके पर पहुंचे। दोनों की गाड़ियां पार्लर के बाहर खड़ी थीं तभी कुछ युवक वहां पहुंचे और वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद शुरू कर दिया।
अधिकारियों ने युवकों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन बहस बढ़ती चली गई और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। युवकों ने दोनों अधिकारियों पर लात-घूंसों और डंडों से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों अधिकारियों को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए चार आरोपियों — पुनेश, बबन, डिंपल और हितेश सारथी — को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, हितेश सारथी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
यह घटना प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकारी कामकाज के दौरान इस तरह का हमला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्वों में कानून का भय तेजी से कम हो रहा है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।



