देश में सबसे ज्यादा टैंकर रायपुर में दौड़ रहे— विधानसभा में गूंजा पानी का मुद्दा

Madhya Bharat Desk
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के दूसरे दिन रायपुर में अमृत मिशन के अधूरे काम और पेयजल संकट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, राजेश मूणत और सुनील सोनी ने अपनी ही सरकार के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से कई सवाल किए। इस दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा पानी के टैंकर रायपुर में चल रहे हैं।

अधूरी योजनाओं पर उठे सवाल

विधायकों ने पेयजल योजनाओं के अधूरे काम को लेकर सरकार को घेरा। जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि सभी नगर निगम आयुक्तों को पत्र लिखकर पेयजल व्यवस्था की कार्ययोजना मांगी गई है। उसी के आधार पर आगे काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर घर तक साफ और पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

सिर्फ 20 वार्डों तक पहुंचा नियमित पेयजल

अजय चंद्राकर के सवाल पर पीएचई मंत्री ने बताया कि अमृत मिशन की शुरुआत 2015 में हुई थी और 2016 से इसका काम शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर के 20 वार्डों में पूरी तरह पेयजल की सुविधा दी गई है, जबकि 25 वार्डों में आंशिक रूप से पानी पहुंचाया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि शहर में 3 लाख 42 हजार घर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 2 लाख 21 हजार घरों तक पेयजल पहुंच रहा है। इस जवाब से अजय चंद्राकर संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने पूछा कि योजना की कुल लागत कितनी थी और अब भी करीब 1 लाख 21 हजार घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंच पाया है।

भाजपा विधायकों ने स्मार्ट सिटी फंड से पेयजल योजना में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। विधायक सुनील सोनी ने कहा कि भक्तमाता कर्मा वार्ड और चंगोराभाठा में पानी की टंकियां बनी हुई हैं, फिर भी लोगों को टैंकरों से पानी दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पाइपलाइन के ऊपर दूसरी पाइपलाइन बिछा दी गई है।

विधायक राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी में दो पानी टंकियां सालों से बनकर तैयार थीं, लेकिन पाइपलाइन का विस्तार नहीं किया गया। अब इसके लिए राशि जारी की गई है। उन्होंने दावा किया कि शहर में करीब 90 हजार अवैध नल कनेक्शन हैं और पानी के नाम पर मनमानी हो रही है।

ना पानी, ना नल… सिर्फ टोटी लगी

भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े ने कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के कामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कई जगह पानी की टंकियां तो बन गई हैं, लेकिन न तो पानी पहुंच रहा है और न ही नल चालू हैं। सिर्फ टोटियां लगाकर काम पूरा दिखा दिया गया है।

इस पर पीएचई मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत बैकुंठपुर क्षेत्र में कुल 928 पानी टंकियों का निर्माण किया गया है। इनमें 751 टंकियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि 177 का काम अभी अधूरा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक एक भी घर में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है।

इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि 447 टंकियों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। भाजपा विधायक मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। साव ने कहा कि 143 गांवों में ग्रामसभा के माध्यम से पानी की टंकियां पंचायतों को सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत देता है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

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