फर्जी दस्तावेज़ों से आदिवासियों की ज़मीन पर कब्ज़ा? ग्रामीण बोले–FIR नहीं हुई तो आंदोलन

Madhya Bharat Desk
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जगदलपुर। बस्तर अंचल में आदिवासियों की ज़मीनों पर हो रहे कथित अवैध कब्ज़ों को लेकर गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को संकनपल्ली गांव के दर्जनों आदिवासी ग्रामीण मोदकपाल थाना पहुंचे और जगदलपुर के एक भू-माफिया परिवार पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उनकी पैतृक ज़मीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया।

ग्रामीणों का कहना है कि कमलदेव झा समेत उसके परिवार के सदस्यों ने सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर ज़मीन अपने नाम करा ली, जबकि ज़मीन मालिकों ने कभी कोई सौदा नहीं किया। पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरे मामले में तत्कालीन पटवारी, तहसीलदार और उप-पंजीयक की मिलीभगत से असली दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की गई।

पीड़ित आदिवासी बसवैया जव्वा ने बताया कि जब वे भूमि संबंधी जानकारी लेने पटवारी के पास पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनकी पुश्तैनी ज़मीन किसी और के नाम दर्ज हो चुकी है। यह सुनकर वे और उनका परिवार सन्न रह गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि झा परिवार ने बस्तर के दंतेश्वरी वार्ड में रहते हुए संकनपल्ली क्षेत्र की आदिवासी ज़मीनों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री की और पट्टे तक बनवा लिए।

FIR और SC/ST एक्ट की मांग

आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की भी मांग रखी।

विधायक ने उठाए सवाल

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बस्तर में आदिवासियों की ज़मीनों पर लगातार कब्ज़े हो रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और भू-माफियाओं के साथ-साथ दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे जिला मुख्यालय तक पदयात्रा कर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर, जनपद सदस्य मनोज अवलम सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।

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