158 दिन से आमरण धरना, कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद भी नियुक्ति का इंतज़ार… और छत्तीसगढ़ सरकार की चुप्पी मानो “नीति” नहीं, “रीति” बन चुकी है।
डीएड अभ्यर्थी लगातार कह रहे हैं— “नियुक्ति दो या मृत्यु दो”, लेकिन लगता है सिस्टम ने इसे “देखेंगे बाद में” वाली फाइल में डाल दिया है, जो 158 दिनों से किसी टेबल पर धूल खा रही है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, जबकि सरकार हर बार आश्वासन की रफ्तार से आगे और कार्रवाई की स्पीड से पीछे चल रही है।
धरना स्थल पर बढ़ता गुस्सा अब सिर्फ मांग नहीं, सवाल बन गया है
आखिर हाईकोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार किसके आदेश का इंतज़ार कर रही है?







