जांजगीर-चांपा: नैला जांजगीर में इस वर्ष भी दुर्गा पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। आयोजन समिति ने म्यांमार के प्रसिद्ध श्वेत मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित 145 फीट ऊंचा और 155 फीट चौड़ा विशाल पंडाल तैयार कराया है, जो श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बन गया है। यह दुर्गा महोत्सव का 43वां वर्ष है।
पंडाल में स्थापित 36 फीट ऊंची प्रतिमा
नैला दुर्गोत्सव अपनी भव्यता के लिए पूरे देश में पहचान बना चुका है। अग्रसेन भवन के सामने बने मैदान में इस बार का पंडाल खास है। इसके भीतर मां दुर्गा की 36 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा विराजमान है, जिसे कृत्रिम हीरे, मोती और रत्नों से सजाया गया है।
प्रतिमा की पृष्ठभूमि अक्षरधाम मंदिर के गुंबद और शीशमहल शैली में बनाई गई है, जो भक्तों को दिव्य आभा का अनुभव कराती है। इस बार दुर्गा पूजा में लेजर शो और विशेष लाइटिंग इफेक्ट भी जोड़े गए हैं, जो दृश्य को और भव्य बना रहे हैं।

सुरक्षा के लिए 110 CCTV और 250 वालिंटियर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति ने पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। पूरे पंडाल क्षेत्र में 110 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 250 वालिंटियर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं, डिजिटल मॉनिटरिंग, स्वच्छता व्यवस्था और वालिंटियर सहायता केंद्र 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।
देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
नैला दुर्गा पूजा महोत्सव छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर में प्रसिद्ध हो चुका है। हर साल लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं कि इस बार की प्रतिमा और पंडाल किस रूप में नजर आएंगे। इसे देखने मध्यप्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, झारखंड समेत कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।







