रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। प्रश्नकाल के दौरान यह मामला इतना गरमाया कि सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली और अंत में विपक्ष ने विरोध जताते हुए वॉकआउट कर दिया।
दरअसल, मामला डोंगरगढ़ में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के लिए स्वीकृत जमीन से जुड़ा है। इस विषय को विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सदन में उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि बैंक भवन के लिए तय की गई जमीन पर अतिक्रमण है या नहीं, और अगर है तो उसे हटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इस सवाल के जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि जिस जमीन पर बैंक भवन प्रस्तावित है, वहां फिलहाल अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैंक भवन के लिए दूसरी जगह तलाशने की प्रक्रिया चल रही है।
मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब जमीन पर्याप्त है तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आखिर इस जमीन पर बुलडोजर कब चलेगा।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण किसी प्रभावशाली व्यक्ति का होने की वजह से कार्रवाई नहीं हो रही है। चर्चा के दौरान मंत्री अलग-अलग आंकड़े बताते नजर आए, जिस पर बघेल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “अफसरों से पर्ची मंगा लीजिए।”
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर दिया। इस मुद्दे पर सदन का माहौल कुछ देर तक काफी तनावपूर्ण बना रहा।







