पतंजलि-डाबर च्यवनप्राश विज्ञापन विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। बाबा रामदेव ने उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें सिंगल बेंच जज ने विज्ञापन प्रसारण पर रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि सिंगल जज ने विज्ञापन को आपत्तिजनक मानते हुए अंतरिम आदेश पारित किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार अपील स्वीकार की जाएगी। अदालत ने टिप्पणी की कि अनावश्यक अपीलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
जस्टिस हरिशंकर ने पतंजलि की ओर से दायर अपील पर नाराज़गी जताई और कहा कि आपके पास पर्याप्त संसाधन हैं, इसलिए हर छोटे मामले में अपील करना उचित नहीं। वहीं पतंजलि के वकील ने कोर्ट से बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से चर्चा करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अगली सुनवाई 23 सितंबर को तय की है।



