दिल्ली के साकेत इलाके में शुक्रवार को एप्पल के नए iPhone की लॉन्चिंग होते ही जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। जहाँ आम दिनों में लोग राशन या बीज-खाद के लिए कतार में दिखते हैं, वहीं इस बार सैकड़ों युवा सिर्फ iPhone खरीदने के लिए घंटों से लाइन में खड़े नज़र आए।
आधी रात से ही Apple स्टोर के बाहर Gen Z की भीड़ जुट गई थी। सुबह होते-होते लंबी लाइनें लग गईं और स्टोर खुलते ही कई खरीदार एक साथ दो-दो iPhone लेकर बाहर निकले।
दिलचस्प बात यह रही कि कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी और बढ़े टैरिफ का असर भी युवाओं की दीवानगी को कम नहीं कर पाया। खरीदारों का कहना था—“जरूरी नहीं कि पेट भरा रहे, लेकिन हाथ में iPhone होना चाहिए।”
भीड़ इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की स्थिति बन गई। हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाना पड़ा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ मोबाइल खरीदने की चाहत नहीं बल्कि युवाओं के लिए iPhone एक स्टेटस सिंबल और ब्रांड क्रेज का प्रतीक बन चुका है।
राजनीतिक हलकों से भी इस पर प्रतिक्रिया आई है। विपक्ष का तंज है कि “जो आधी रात से iPhone खरीदने के लिए लाइन में खड़ा हो, वह देश की राजनीति और क्रांति की लाइन में कैसे खड़ा होगा?”



