कोरबा में स्वच्छता अभियान बना विवाद का कारण: माँ सर्वमंगला मंदिर में जूते पहनकर सफाई से श्रद्धालु आक्रोशित

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

कोरबा में नगर पालिक निगम द्वारा चलाए जा रहे “स्वच्छता ही सेवा अभियान” के तहत एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को माँ सर्वमंगला मंदिर परिसर में महापौर संजूदेवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई अभियान की शुरुआत की। यह कदम देखने में तो प्रेरणादायक था, लेकिन जिस तरह से इसे अंजाम दिया गया, उसने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई।

दरअसल, सफाई अभियान के दौरान निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने मंदिर के गर्भगृह परिसर में जूते-चप्पल पहनकर सफाई की। यह दृश्य सामने आते ही स्थानीय श्रद्धालुओं में नाराज़गी फैल गई। उनका कहना है कि ऐसा कार्य धार्मिक परंपराओं और आस्था का सीधा अपमान है। माँ सर्वमंगला मंदिर कोरबा का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ रोज़ाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर असंवेदनशीलता दिखाना लोगों को बेहद आहत कर गया।

अब सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े हो रहे हैं। यदि उच्च अधिकारी ही मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे, तो आम कर्मचारियों से कैसे अपेक्षा की जा सकती है? क्या स्वच्छता अभियान का अर्थ धार्मिक परंपराओं को तोड़ना है? यह प्रश्न आज जनता के बीच चर्चा का विषय है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह आस्था पर चोट पहुँचाने वाला कार्य है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि स्वच्छता अभियान चलाना सराहनीय कदम है, लेकिन ऐसे कार्यों को धार्मिक आस्था और संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए, ताकि समाज में समरसता और सम्मान बना रहे।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment