दीवाली का पर्व रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, और इस बार यह त्योहार छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए और भी खास बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर चलाई जा रही ‘महतारी वंदन योजना’ ने प्रदेश की लाखों माताओं और बहनों के जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई किरण जगा दी है।
इस योजना के तहत हर महिला को हर महीने 1,000 रुपये की राशि दी जा रही है, जो सीधे उनके बैंक खातों में जमा होती है। अब तक 20 किश्तों में कुल 468.69 करोड़ रुपये की राशि 2.5 लाख से अधिक महिलाओं को दी जा चुकी है। दीवाली से पहले मिली यह किश्त महिलाओं के लिए किसी तोहफे से कम नहीं रही।
कबीरधाम जिले की श्रीमती बजरहीन साहू, जो ग्राम मड़गांव की रहने वाली गृहिणी हैं, बताती हैं कि पहले घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें पति या बेटों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब ‘महतारी वंदन योजना’ से मिलने वाली राशि ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया है। इस बार वह अपने नाती-पोतों के लिए मिठाई और पटाखे खुद खरीदेंगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता और गर्व का अनुभव हो रहा है।
दीवाली जैसे त्योहार पर जब हर घर में दीप जलते हैं, वैसे ही इस योजना ने महिलाओं के जीवन में भी नई रोशनी भर दी है। अब महिलाएं अपनी जरूरतों के साथ-साथ त्योहारों की तैयारियां भी खुद कर पा रही हैं। मुख्यमंत्री साय का कहना है कि यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
कबीरधाम सहित पूरे छत्तीसगढ़ में इस योजना से जुड़ी हजारों महिलाएं अब अपने जीवन में बदलाव महसूस कर रही हैं। यह योजना न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी नई पहचान दे रही है।







