नगर में इन दिनों किसान प्रशासनिक उदासीनता से खासे नाराज हैं। आरंग के वार्ड नं 03, ठाकुरदिया पारा में सोनकर समाज ने अपने सामाजिक भवन के बाद बाउंड्रीवाल बना दी, फिर कंडरा समाज ने पोल तार लगाकर किसानों के आने-जाने वाले रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। किसान लगातार शासन-प्रशासन से रास्ते की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही मिली—अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए सड़क से कोर्ट तक जाने को तैयार हैं।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आरंग नगर के विभिन्न समाजों को शासकीय जमीन पर सामाजिक भवन दिए थे। वार्ड 03 में सोनकर समाज का भवन बना, कुछ दूरी पर कंडरा समाज का—ये बिना भू-आबंटन के बने हैं। 2025 में सोनकर ने सुरक्षा के नाम पर बाउंड्रीवाल बनाई, किसानों के विरोध पर तत्कालीन तहसीलदार ने स्थगन आदेश दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद कार्य फिर शुरू हो गया। रात के अंधेरे में सोनकर भवन पर बुलडोजर चला दिया गया, आरोप अविनाश साहू पर लगा—मामला आरंग थाने में लंबित है।
अब स्थगन के बावजूद सोनकर की बाउंड्रीवाल अंतिम चरण में है, कंडरा ने भी पोल तार से रास्ता अवरुद्ध कर दिया। आक्रोशित किसानों ने एसडीएम, तहसीलदार व मुख्य नगर पालिका अधिकारी से बार-बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। किसान किसी समाज से विवाद नहीं चाहते, सिर्फ कृषि वाहनों के लिए रास्ता मांग रहे हैं—प्रशासन पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
आरंग तहसीलदार ज्योति मसियारे ने कहा कि निर्माण नगरीय प्रशासन से स्वीकृत है, लेकिन सोनकर को कलेक्टर से जमीन अनुमति व किसानों के रास्ते की सलाह दी गई थी। स्थगन उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई होगी, जमीन सीमांकन कर किसान हित सुरक्षित किया जाएगा। किसान चेताते हैं—न्याय न मिला तो चक्काजाम व बड़े आंदोलन करेंगे, जिम्मेदारी प्रशासन की। वे शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की योजना बना रहे हैं।


