अंबिकापुर।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के रजपुरी गांव में बंदर के हमले से पूरे गांव में दहशत फैल गई। बीते 31 जुलाई की शाम करीब 4 बजे जंगल से भटककर एक खूंखार बंदर गांव में घुस आया और उत्पात मचाने लगा। बंदर के डर से ग्रामीण अपने-अपने घरों में छिप गए।
इसी दौरान बंदर सुदर्शन प्रजापति के घर में घुस गया। घबराए परिजन जल्दी-जल्दी कमरे के अंदर चले गए, लेकिन पालने में सो रही 5 महीने की मासूम त्रिशिका को साथ नहीं ले जा सके। तभी बंदर पालने तक पहुंचा, बच्ची को उठाया और पानी से भरे नीले ड्रम में फेंक दिया। यह देखकर परिजन तुरंत दौड़े और बच्ची को ड्रम से बाहर निकाल लिया।
घटना के तुरंत बाद बच्ची को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में चल रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआत में बच्ची की हालत काफी नाजुक थी, लेकिन समय पर इलाज और दवाइयों की वजह से अब उसकी स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद रजपुरी गांव के लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर बंदर को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।





