नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर सड़क से लेकर संसद तक विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को पैलेट गन से घायल छात्रों से मिलने पहुंचे। वे एक घायल छात्र को अपने साथ मीडिया के सामने भी लाए और उसके हाथ पर लगे जख्म को दिखाया।
राहुल गांधी ने कहा कि एक छात्र की आंख की रोशनी तक चली गई है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने रहने के लायक नहीं हैं। उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। वे देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का चेहरा बन चुके हैं। उन्हें जाना ही पड़ेगा।”
CJP की 3 मांगों पर सरकार ने मांगा एक दिन का वक्त
वहीं, CJP और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरी बार बातचीत हुई। करीब 1 घंटे 40 मिनट चली बैठक में CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत तीन बड़ी मांगें रखीं। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका के मुताबिक, सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
CJP का कहना है कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज FIR व अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सरकार ने सिद्धांत रूप से सहमति जताई है।
इस्तीफा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा
CJP की सबसे अहम मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। संगठन का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री पद नहीं छोड़ते, तब तक जंतर-मंतर पर आंदोलन चलता रहेगा। CJP के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दीपके ने भी साफ कहा कि इस्तीफे से कम पर कोई समझौता नहीं होगा।
CJP की प्रमुख मांगें
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- छात्रों पर की गई कार्रवाई के लिए सरकार माफी मांगे।
- पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
उधर, लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की और राहुल गांधी से अपने सांसदों को समझाने की बात कही।





