भारत की जनगणना इतिहास में पहली बार आम नागरिकों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार ने डिजिटल जनगणना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। जनगणना 2026 और 2027 में दो चरणों में होगी—पहला चरण मकानों की गिनती के लिए और दूसरा चरण जनसंख्या आंकड़ों के लिए।
सरकार ने घोषणा की है कि लोग पोर्टल या ऐप के माध्यम से खुद ही अपने घर व जनसंख्या संबंधी विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा लगभग 34 लाख कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर इस प्रक्रिया में लगाया जाएगा। प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है ताकि जनगणना में कोई भ्रम न हो।
यह पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें लोग स्वयं भागीदारी कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।



