हसदेव अरण्य क्षेत्र में अडानी की PEKB-2 परियोजना में लगातार कोयला की खुदाई की जा रही है और चर्चा है कि आने वाले समय में परसा और केते एक्सटेंशन परियोजनाओं के तहत लाखों पेड़ों की कटाई की तैयारी भी अडानी ने कर लिया है।
भारत में बढ़ती गर्मी और पर्यावरण संकट लगातार गहराता जा रहा है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया का ‘हॉटबॉक्स’ बन चुका है। विश्व के 100 सबसे गर्म शहरों में से 95 शहर भारत के हैं, जो देश के लिए एक चिंताजनक संकेत है।

इस स्थिति के पीछे तेजी से हो रही पेड़ों की कटाई और बड़े स्तर पर खनन गतिविधि है। खासतौर पर अडानी ग्रुप पर आरोप लग रहे हैं कि उनके प्रोजेक्ट्स के चलते बड़े पैमाने पर जंगलों का नुकसान हुआ है।
छत्तीसगढ़, जो कभी अपनी हरियाली और घने जंगलों के लिए जाना जाता था, अब उसी राज्य के कई शहर भीषण गर्मी की चपेट में हैं। राजनांदगांव का तापमान 45.5°C तक पहुंच गया है, जिससे यह दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में ऊपर पहुंच गया है, जबकि राजधानी रायपुर में भी तापमान 44.6°C दर्ज किया गया है।
अगर हालात इसी तरह रहा तो लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। अगर जंगलों की कटाई ऐसे ही जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत के कई हिस्से अत्यधिक गर्म और वहां रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।


