भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा आदिवासी समाज का राजनीतिक इस्तेमाल किया, लेकिन उन्हें कभी वास्तविक सम्मान नहीं दिया। दुर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार बीजेपी ने एक “असली आदिवासी” को मुख्यमंत्री बनाने का कार्य किया है, जिससे पूरे आदिवासी समाज में नई चेतना उत्पन्न हुई है।
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस यह तय ही नहीं कर पाई कि उसका कौन-सा मुख्यमंत्री असली आदिवासी था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2000 में कांग्रेस ने एक नेता को आदिवासी बताकर मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ही प्रमाणित दस्तावेज़ों के आधार पर बताया कि वर्ष 2000 में बनाए गए मुख्यमंत्री ‘नकली आदिवासी’ थे। देवलाल ने इसे कांग्रेस की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल बताया और कहा कि कांग्रेस ने स्वयं ही अपने मुख्यमंत्री को नकली आदिवासी घोषित कर दिया।
देवलाल ठाकुर ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज अब जाग चुका है और अब धर्म परिवर्तन नहीं चाहता। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार धर्मांतरण पर सख़्त कानून लाने जा रही है ताकि आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति और धर्म की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने शीतकालीन सत्र में इस कानून को लाने की घोषणा पहले ही कर दी है। ठाकुर का कहना है कि यह कानून आदिवासी समाज की पहचान और विरासत की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कांग्रेस से बगावत कर 2018 का चुनाव लड़ने वाले और बाद में भाजपा में शामिल हुए देवलाल ठाकुर ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभवों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी भी आदिवासी नेतृत्व को सही सम्मान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ़ चुनावी लाभ के लिए आदिवासी चेहरे आगे लाती है, लेकिन वास्तविक नीतियों में उनकी भागीदारी नहीं सुनिश्चित करती। भाजपा, उनके अनुसार, पहली बार छत्तीसगढ़ में एक सच्चे आदिवासी नेतृत्व को स्थापित कर पाई है।



