12 फरवरी भारत बंद: कांग्रेस खुलकर साथ, रायपुर में बढ़ी सियासी सरगर्मी

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। 12 फरवरी को प्रस्तावित भारत बंद को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से इस बंद का समर्थन करने की घोषणा कर दी है, जिसके बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।

कांग्रेस का कहना है कि यह बंद केंद्र सरकार की श्रम और आर्थिक नीतियों के विरोध में जनआवाज़ है। पार्टी नेतृत्व ने इसे मजदूरों, कर्मचारियों और किसानों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संगठन की सभी इकाइयों—जिला, शहर, नगर और ब्लॉक स्तर—पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने साफ कहा है कि हड़ताल के दिन ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के साथ मजबूती से खड़ा रहना जरूरी है। पार्टी नेताओं का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में श्रमिकों और किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरना लोकतांत्रिक अधिकार है।

दरअसल, भारत बंद का आह्वान देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया है। इन संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लेबर कोड और नई आर्थिक नीतियां मजदूर वर्ग के हितों के खिलाफ हैं। उनका दावा है कि इन नीतियों से रोजगार की स्थिरता, मजदूरी संरचना और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

इस आंदोलन को किसान संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। किसानों का कहना है कि मौजूदा आर्थिक ढांचा कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है, जिससे खेती-किसानी संकट में है। ऐसे में मजदूर और किसान संगठनों का संयुक्त विरोध सरकार पर दबाव बनाने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस ने आम जनता से अपील की है कि भारत बंद को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाया जाए। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को सामने लाने के उद्देश्य से है।

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