रायपुर। छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़े प्रतीक ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ को कथित तौर पर तुमगांव थाने में बंदी बनाए जाने के मामले को लेकर अब सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़िया किसान संगठनों के साथ छसपा नेता अनिल दुबे ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस्तीफे की मांग की है।
अनिल दुबे ने कहा कि करोड़ों छत्तीसगढ़ियों की आस्था से जुड़ी छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किया गया है। उनका आरोप है कि जब राज्य के भीतर इस तरह की घटना हो रही है, तब मुख्यमंत्री द्वारा दूसरे राज्यों के मामलों पर बयान देना उचित नहीं है।
दुबे ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखे जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले राज्य के भीतर हुए इस प्रकरण पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
इस मामले को लेकर सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और राज्य निर्माण संग्राम सेनानी संगठन के कई पदाधिकारियों ने भी बयान जारी किया है। इनमें महेंद्र कौशिक, छन्नू साहू, लालाराम वर्मा, कामेश्वर चौहान, अनिल मानिकपुरी, गोवर्धन वर्मा, विमल ताम्रकार, शिवनारायण ताम्रकार, जगदंबा साहू, श्यामा भाई ध्रुव, राधाबाई सिंह, रितु महंत और पूर्णिमा डहरिया शामिल हैं।
नेताओं ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सम्मान से जुड़े प्रतीकों का आदर किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने, प्रदेशवासियों से माफी मांगने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठनों का कहना है कि यदि इस मामले में जिम्मेदारी तय होती है तो मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। फिलहाल इस पूरे विवाद पर राज्य सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







