बिलासपुर।इन दिनों आसमान से जैसे आग बरस रही है। नौतपा शुरू होते ही बिलासपुर में गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह 9 बजे के बाद ही तेज धूप चुभने लगती है और दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है।
भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इनमें आंख आना (कंजेक्टिवाइटिस), लू लगना, हीट स्ट्रोक, सनबर्न, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं।
अस्पतालों में बढ़ी भीड़
सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मौसम से जुड़ी बीमारियों के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे ओपीडी और वार्ड लगभग भरते नजर आ रहे हैं।
सिम्स के एमएस डॉ. लखन सिंह के मुताबिक, गर्मी और लू से बचाव बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस समय अस्पताल में ऐसे मरीज ज्यादा आ रहे हैं। हालांकि मरीजों के इलाज के लिए अलग व्यवस्था की गई है, विशेष वार्ड बनाए गए हैं और दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखी गई है, ताकि किसी को परेशानी न हो।
आंखों पर सबसे ज्यादा असर
तेज धूप और धूल भरी गर्म हवाओं का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुचिता सिंह के अनुसार इस समय अस्पताल में “वर्नल केराटो-कंजंक्टिवाइटिस” के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
धूल, परागकण और तेज गर्मी के कारण आंखों की नमी सूख रही है, जिससे लोगों को आंखों में तेज खुजली, लालपन, सूजन और लगातार पानी आने की समस्या हो रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे और युवा हैं।
रोजाना मरीजों की स्थिति
- स्किन ओपीडी: 90 से 100 मरीज
- मेडिसिन ओपीडी: 150 से 160 मरीज
- आई ओपीडी: 40 से 50 मरीज
- अन्य ओपीडी: 40 से 50 मरीज प्रतिदिन
बचाव के जरूरी उपाय
- प्यास न लगे तब भी बार-बार पानी, नींबू पानी या छाछ पीते रहें
- खाली पेट धूप में बाहर न निकलें
- सूती और हल्के कपड़े पहनें, सिर और चेहरा ढककर निकलें
- बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करें
- भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टर लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, ताकि लोग इस तपती गर्मी और लू से खुद को सुरक्षित रख सकें।







