रायपुर।महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं बसंत पंचमी के पावन अवसर पर “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता” की रक्षा के उद्देश्य से सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज द्वारा प्रदेशव्यापी सदस्यता अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। यह अभियान छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानियों के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ है, जो लगातार जारी रहेगा।
अभियान की शुरुआत कवर्धा जिले के बीहड़ आदिवासी क्षेत्र रेंगखार में दोपहर 2 बजे आयोजित सभा से हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी एवं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे, महेंद्र कौशिक, जगदम्बिका साहू, सुन्दर कौशिक, ठाकुरराम सिन्हा, श्यामूराम सेन सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभा में आदिवासी, बैगा, लोधी, साहू, राजपूत, कुर्मी, कोलता, सतनामी, पटेल समाज समेत विभिन्न समाजों के किसानों ने भाग लिया, जिनमें से 100 से अधिक लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। सभी ने एक स्वर में छत्तीसगढ़ी अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष का संकल्प लिया।

इसी क्रम में पाटन ब्लॉक के मोतीपुर, सांकरा, पाहंदा और झीट गांवों में बैठकें आयोजित कर सदस्यता अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी एवं सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के संयोजक जागेश्वर प्रसाद और शिवनारायण ताम्रकार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने कहा कि बाहरी शोषकों द्वारा छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने वीर शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, महान संत गुरु घासीदास एवं राज्य निर्माण के पुरोधा डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमाओं के अपमान का उल्लेख करते हुए समाज को संगठित होने का आह्वान किया। उनके विचारों से प्रभावित होकर 70 से 80 लोगों ने सदस्यता ली और क्षेत्र में हजारों सदस्य जोड़ने का संकल्प लिया।
सदस्यों ने यह भी घोषणा की कि 26 जनवरी 2026 को प्रस्तावित “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” को सफल बनाते हुए गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

इसी तरह आदिवासी बहुल तुमगांव-सिरपुर क्षेत्र में भी सदस्यता अभियान आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व राज्य निर्माण संग्राम सेनानी एवं आदिवासी नेता अशोक कश्यप ने किया। उनके साथ छन्नूलाल साहू, बृजबिहारी साहू, दौलत ध्रुव, लीलाधर पटेल, घनश्याम पटेल, मंशाराम ध्रुव मौजूद रहे। यहां ध्रुव, बरिहा, दिवान, यादव, पटेल, सेन और साहू समाज के लगभग 100 लोगों ने सदस्यता ग्रहण की।
वहीं नरहरपुर (कांकेर) में वेगेंद्र सोनवेर और केशरीमल के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में लोगों को संगठन से जोड़ा गया।
इस प्रकार पूरे छत्तीसगढ़ में हजारों किसानों और समाज के लोगों ने सदस्यता लेकर एकता और सामाजिक समरसता की दिशा में कदम बढ़ाया तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्रनिर्माण के विचारों को साकार करने का संकल्प दोहराया।







