धमतरी।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुल 9 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने हिंसा और उग्रवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला लिया है। इस मौके पर आईजी अमरेश मिश्रा ने तालियां बजाकर आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत किया और इसे सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति का सकारात्मक परिणाम बताया।
आईजी मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के चलते नक्सली अब सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को नियमानुसार सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार से जोड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले इन 9 नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें दो महिला नक्सली 8-8 लाख रुपये की इनामी थीं, जबकि एक पुरुष नक्सली पर 5 लाख रुपये का इनाम था। अन्य नक्सली भी गंभीर मामलों में वांछित रहे हैं।
भौगोलिक रूप से देखें तो आत्मसमर्पण करने वालों में धमतरी-नुआपड़ा क्षेत्र से जुड़े 5 नक्सली और आंध्र प्रदेश से संबंधित 4 नक्सली शामिल हैं। इनमें डिविजनल कमेटी मेंबर सहित उच्च कैडर के नक्सली भी शामिल हैं, जिसे सुरक्षा एजेंसियां बड़ी उपलब्धि मान रही हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में ज्योति उर्फ जैनी, उषा उर्फ बलमा, रामदास उर्फ आयता, रोनी उर्फ उमा, निरंजन उर्फ पोदिया, सिंधु उर्फ सोमडी, रीना उर्फ चिरो, अमाली उर्फ सन्नी और लक्ष्मी पुनेम उर्फ आरती के नाम शामिल हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद रायपुर संभाग को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पुलिस और सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई के साथ-साथ सरकार की नीतियों के सकारात्मक नतीजे अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं।







