बीजापुर।छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच दो दिनों तक चली भीषण मुठभेड़ ने एक बार फिर देश को बहादुरी और बलिदान की कहानी दी है। महाराष्ट्र पुलिस के विशेष दस्ता C-60 कमांडो द्वारा चलाए गए इस बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन में अब तक 7 नक्सली मारे जा चुके हैं, जबकि एक जांबाज़ जवान ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
गुरुवार दोपहर शुरू हुए इस ऑपरेशन के दौरान जवानों ने दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाके में घेराबंदी कर नक्सलियों से मोर्चा लिया। पहले दिन सुरक्षाबलों ने 3 नक्सलियों को ढेर किया, जबकि दूसरे दिन 4 और नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मारे गए नक्सलियों में 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली नेता प्रभाकर भी शामिल बताया जा रहा है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से तलाश रही थीं।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों को 3 AK-47 राइफल, 1 SLR समेत बड़ी मात्रा में नक्सली हथियार और सामग्री भी हाथ लगी है। पूरे इलाके में फिलहाल सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
वीरता की मिसाल: जवान दीपक मंडावी शहीद
इस ऑपरेशन के दौरान C-60 कमांडो के जवान दीपक मंडावी नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि जवान दीपक ने आखिरी सांस तक मोर्चा संभाले रखा और दो नक्सलियों को मार गिराने के बाद वीरगति को प्राप्त हुए।
शहीद जवान को साथियों ने नम आंखों से अंतिम सलामी दी। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और कर्तव्य का प्रतीक बन गया है।
सुरक्षाबल ऑपरेशन को अभी भी पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और इलाके में शांति बहाल करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।







