रायपुर। सरकारी निर्माण विभागों के तहत विकास कार्य करने वाले प्रदेशभर के ठेकेदारों में भारी नाराजगी है। छत्तीसगढ़ ठेकेदार संघ के बैनर तले ठेकेदार विभागीय विसंगतियों और जल जीवन मिशन के तहत पिछले दो साल से लंबित भुगतान को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है। इसी के विरोध में सोमवार को राजधानी रायपुर में प्रदेशभर के ठेकेदार एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और कई जगहों पर निर्माण कार्य भी ठप रहेगा।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी के चलते ठेकेदारों का भुगतान रोका जा रहा है। इस मामले में राज्य सरकार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा कि छुईखदान में एक ठेकेदार आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। इस घटना के बाद जल जीवन मिशन समेत अन्य विभागों के ठेकेदारों में गहरा आक्रोश है।
अफसरशाही और मनमानी का आरोप
ठेकेदार संघ का आरोप है कि वे बाजार से उधार में सामग्री खरीदकर और बैंकों से कर्ज लेकर निर्माण कार्य पूरा करते हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं मिलता। इससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। संघ का कहना है कि विभाग एग्रीमेंट की शर्तों का पालन करने के बजाय नई-नई शर्तें लगाकर ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं। छुईखदान की घटना ने पूरे ठेकेदार समाज को झकझोर दिया है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर 6 जुलाई को सुबह 11 बजे ठेकेदार नीर भवन का घेराव करेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में निर्माण कार्य बंद कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






