छत्तीसगढ़ का यह गांव पूरे प्रदेश में एक अनोखी मिसाल पेश करता है। यहां देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है। इस गांव का हर घर किसी न किसी सैनिक से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि इसे लोग प्यार से ‘विलेज ऑफ आर्मी’ कहकर पुकारते हैं।
इस गांव के युवा छोटी उम्र से ही सेना में जाने का सपना देखते हैं। सुबह से लेकर शाम तक वे कठिन परिश्रम करते हैं, दौड़ लगाते हैं और खुद को फौजी बनने के लिए तैयार करते हैं। यहां की मिट्टी में जैसे जज़्बा ही कुछ अलग है। माता-पिता भी अपने बच्चों को शुरू से ही अनुशासन और देशसेवा का पाठ पढ़ाते हैं।
गांव का माहौल ऐसा है कि हर साल लगातार 6 से 7 युवा सेना में भर्ती हो जाते हैं। यह संख्या दर्शाती है कि यहां के लोग राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च मानते हैं। मेहनत, लगन और देशभक्ति ने इस गांव को विशेष पहचान दी है।
आज जब पूरा देश इस गांव की कहानी सुनता है, तो गर्व महसूस करता है कि छत्तीसगढ़ की धरती पर ऐसे जांबाजों का गांव है, जहां हर परिवार अपने सपूत को वर्दी में देखना चाहता है। यह केवल एक गांव नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र है जो आने वाली पीढ़ियों को भी देशसेवा का मार्ग दिखाता रहेगा।



